SENSEX Meaning in Hindi-सेंसेक्स क्या होता है?

दोस्तो आज के ब्लॉग में हम SENSEX Meaning in Hindi का मतलब समझेंगे! दोस्तों आपने बहुत बार टीवी या न्यूज़ पेपर में देखा होगा कि आज sensex इतने पॉइंट ऊपर चला गया, तो आज जानेंगे कि Sensex क्या है? क्यों इसे न्यूज में दिखाया जाता है? कैसे यह कैलकुलेट होती है? इस टॉपिक को पूरा डिटेल से समझेंगे example के साथ। nifty या Sensex को समझने से पहले हमें इंडियन स्टॉक एक्सचेंज को समझाना पड़ेगा स्टॉक एक्सचेंज बेसिकली प्लेस होती है जहां पर शेयर की बाय एंड सेलिंग होती है जिसे हम स्टॉक मार्केट कहते हैं इंडिया में दो सबसे पॉपुलर स्टॉक एक्सचेंज है BSE-बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और NSE-नेशनल स्टॉक एक्सचेंज; BSE established हुआ था 1875 मे और यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। वर्तमान में BSE दुनिया का 12वा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है BSE लोकेटेड है दलाल स्ट्रीट मुंबई महाराष्ट्र में। और इसमें 5,500 से ज्यादा कंपनी लिस्टेड हैं।

nifty और Sensex क्या है?

यह है indexes कंट्री की इकोनॉमिक डेवलपमेंट पता करने के लिए एक क्राइटेरिया होता है कंपनी के शेयर के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को लेकिन स्टॉक मार्केट में हजारों कंपनी लिस्टेड है तो अगर हमें मार्केट के परफॉर्मेंस को जानना है तो एक समय में हर एक कंपनी के स्टॉक को ट्रैक करना मुश्किल है तो इसलिए एक सैंपल लिया जाता है company’s जो पूरे मार्केट को रिप्रेजेंट करता है और इस पूरे स्मॉल सैंपल को इंडेक्स कहते हैं तो BSE का इंडेक्स को कहते है sensex और nse का इंडेक्स को कहते है nefty.
sensex को BSE-30 भी कहा जाता है क्योंकि इसमें इन 5,500 कंपनीस में टॉप 30 कंपनीस को सेलेक्ट किया जाता है उनके मार्केट केपीटलाइजेशन के बेस में।
companys जैसे infosys, ITC, hero etc.

SENSEX Meaning in Hindi

SENSEX Meaning in Hindi Video Tutorial For You:-

sensex के points मे उतार-चढ़ाव क्यों आता है?

मानलीजिये sensex आज 34,000 पॉइंट्स पर है अगर ये ऊपर जाता है मतलब पॉइंट्स इंक्रेस होते है तो इसका मतलब इन 30कंपनी में से maturity of the company की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस अच्छी है और कंपनी को अच्छा प्रॉफिट हो रहा है और लोग कंपनी के इस share को परचेस कर रहे हैं अल्टीमेटली डिमांड इंक्रीज हो रही है इसको हम बुल मार्केट भी बोलते हैं और दूसरे केस में यह sensex नीचे जाता है प्वाइंट्स डिनक्रिस होती है इसका मतलब है कि इन 30 कंपनीज में से ज्यादातर कंपनी की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ठीक नहीं है कंपनी को कम प्रॉफिट हुआ है या फिर कंपनी का डेवलपमेंट नहीं हो पा रहा है और लोग इन कंपनी के शेयर्स बेच रहे हैं मतलब डिमांड डिनक्रीज हो रही है इसको हम बियर मार्केट भी बोलते हैं अगर sensex ऊपर जा रहा है तो वह इकोनामिक ग्रोथ का सिंबल होता है जैसे before 2008-09 में जो रिसेशन आया था उससे पहले sensex 28,000 प्वाइंट्स पर था लेकिन रिसेशन के बाद ये गिर कर 8,900 प्वाइंट्स में हो गया था। इतने sensex के गिरने का कारण यह था कि लोगों ने शेयर्स को बेचना शुरू कर दिया था और कंट्री में इकोनामिक क्राइसिस का रिसेशन डेवलप हो गई थी। इसीलिए हम sensex के बेसिस पर यह डिसाइड करते हैं कि मार्केट ऊपर जा रहा है या मार्केट नीचे जा रहा है और कंट्री की इकोनामिक ग्रोथ कैसी है। एक और एग्जांपल लेते हैं कि आपने कभी नोटिस किया होगा कि जब भी बजट अलाउंस होती है तब sensex में बहुत ज्यादा फ्लकचुएशन देखने को मिलता है तो अगर बजट मार्केट के लिए पॉजिटिव होता है तब sensex ऊपर जाता है अगर बजट मार्केट के लिए नेगेटिव होता है तो मार्केट नीचे जाता है।
जैसे इंडिया में स्टॉक एक्सचेंज है उनके इंडेक्स हैं उसी तरह से इंटरनेशनल मार्केट में भी जो बड़े-बड़े कंट्रीज है उनके स्टॉक एक्सचेंज है फॉर एग्जांपल US में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और जापान में जापान एक्सचेंज ग्रुप, तो इन कंट्रीज में अपनी-अपनी स्टॉक एक्सचेंज है और हर स्टॉक एक्सचेंज का अपना-अपना इंडेक्स है।

निष्कर्ष

तो आज की ब्लॉग में हमने जाना की स्टॉक एक्सचेंज क्या होता है, जहां शेयर्स की बाय और सेलिंग होती है इंडिया में दो सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज है BSE और NSE इन सबके इंडेक्स भी होते हैं जो हम कैलकुलेट करते हैं उनकी मार्केट केपीटलाइजेशन के बेसिस में BSE का इंडेक्स है sensex जिसमें 30 कंपनी लिस्टेड है और nse का इंडेक्स है nifty जिसमें 50 कंपनी लिस्टेड है और इंडेक्स कंपनी और कंट्री के इकोनामिक ग्रोथ को शो करते हैं। तो अब आप कहीं पर भी nifty और sensex पॉइंट्स को देखोगे तो आपको समझ आ जाएगा की एक्चुअली में उन पॉइंट्स का मतलब क्या है।

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