What is Mutual Fund in Hindi-म्यूचुअल फंड क्या होता है? कितने प्रकार के होते हैं?

नमस्कार दोस्तो आज के ब्लॉग में हम बात करेंगे What is Mutual Fund in Hindi के बारे में, आज का पोस्ट पर्सनल फाइनेंस से रिलेटेड होगा आज के पोस्ट में आपको एजुकेट करना चाहूंगा mutual fund के बारे में। म्यूचुअल फंड क्या होते है? इनमे कैसे इन्वेस्टमेंट किया जाता है? और बेसिकली जितनी भी जानकारी पता होनी चाहिए इनकी बारे में एक आम आदमी होने के नाते या फिर एक biggner investner होने के नाते ये सारी जानकारी आपको इस पोस्ट में मिलेगी।

All About Mutual Fund:-

दोस्तो हर महीने जब आपकी सैलरी आती है तो इस सैलरी का कुछ हिस्सा सेविंग्स में रखते है, कुछ पैसे बाद में स्तेमाल करने के लिए रखते है हो सकता है आप emergency के लिए रखते हो या आपको घर खरीदना हो या गाड़ी खरीदना हो उसके लिए सेविंग करते होंगे आप, तो सेविंग्स करने के क्या-क्या तरीके हो सकते है?
सबसे ओवियास तरीका ये है कि आपके बैंक में पैसे आए आपने उन पैसों को बैंक में पड़े रहने दिया वही पे कलेक्ट होने दिया। ये बहुत ही बेकार तरीका है दोस्तो क्योंकि पड़े हुए पैसे अपनी वैल्यू लूस करते रहते है। inflation हमारे देश में बढ़ती रहती है इसकी वजहों से सारी चीजों की price बढ़ते रहते है आपकी पैसों की जो वैल्यू है वो धीरे-धीरे हर साल कम होती रहती है 4-5% से जो भी inflation रेट है उस परसेंट से। रखे गए पैसे अपनी वैल्यू लूस ना करें इसलिए लोग उन पैसों को इन्वेस्ट कर देते है। अलग-अलग जगहों में इन्वेस्टमेंट की जा सकती है। हमारे देश में मेनली चार मैन जगह है जहा पर इन्वेस्टमेंट करते है अपने पैसों को। (i). savings account (ii). fixed deposts (iii). gold & jewellery (iv). real estate अगर कुछ लोग ज्यादा रिस्क उठाना चाहते है तो वो स्टॉक मार्केट में भी इन्वेस्टमेंट कर लेते है ये एक और तरीका है इन्वेस्टमेंट करने का।

What is Mutual Fund in Hindi

Which Types Of Investments Are Best :-

(i).savings account :-

इसमें सबसे कम रिस्क है और वहा पे कोई time restriction भी नहीं है वहा पे आप जब चाहे पैसे डाल भी सकते हो और जब चाहे आप पैसे निकाल भी सकते हो लेकिन वहा पे जो रिटर्न मिलता है वो भी बहुत ही कम है सिर्फ और सिर्फ 4% जबकि हमारे पिछले कुछ साल में inflation रेट रहा है 4 से 5% यहां पे।

(ii).fixed deposits :-

fixed deposits भी one of the less risky option रहा है लेकिन वहा पे एक time लिमिट होता है की आप फिक्स टाइम से पहले आप अपने पैसे बाहर नहीं निकाल सकते इसलिए वहा पे जो रिटर्न है वो थोड़ा जायदा है करीब-करीब 7-8% आपको रिटर्न मिल जायेगा fixed deposits मे

(iii). gold & jewellery :-

gold & jewellery के इन्वेस्टमेंट पे मैं कहूंगा आज के टाइम पे एक significant risk है इनके प्राइजेस बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे होते रहते है आप यहां पे 10year histry देखेंगे तो आपको दिखेगा की 2012 तक तो consistently increase होए जा रहे थे gold के price में अगर अपने 2012 से पहले इन्वेस्टमेंट की होती तो काफी अच्छा रिटर्न का रेट मिलता आपको लेकिन 2012 से ले के आजतक बहोत ज्यादा ऊपर नीचे हुवे है लेकिन एक लेवल उन्होंने मेंटेन करके रखा है तो कोई ज्यादा रिटर्न का प्रॉफिट नहीं मिलता आपको यह पे।

(iv). real estate :-

घर खरीदने और प्रॉपर्टी की इन्वेस्टमेंट में मैं कहूंगा low to moderate रिस्क है। आप पिछले कुछ सालों में india का हाउसिंग का प्राइस देख सकते है बहुत ही ज्यादा ऊपर नीचे होते रहा है। मार्च-2011 का एक quarter था जब ये 30% का रिटर्न रेट टच कर चुका था और मार्च-2018 के क्वार्टर में यह पे ये सिर्फ 5% का रिटर्न रेट दे रहा है। हाऊसिंग में इन्वेस्टमेंट करने में एक बहुत बड़ा disadvantage ये है दोस्तो की इसमें बहुत ज्यादा पैसों की जरूरत होती है लाखो करोड़ों रुपए आपके पास पहले से ही होने चाहिए कि आप इनमे इन्वेस्टमेंट कर पाए तो ये बहुत बड़ा disadvantage है।

और अगर stock market के बारे में अपने सुना ही होगा दोस्तो इनसे बहुत ज्यादा रिटर्न मिल सकता है लेकिन बहुत ज्यादा आपको लॉस भी हो सकता है।
#). नोट:- एक general well known एडवाइस है दोस्तो की कभी भी आपको अपने पैसों को एक जगह पर इन्वेस्टमेंट नहीं करनी चाहिए आपको अपने पैसों को अलग-अलग जगहों पे इन्वेस्टमेंट कर के रखनी चाहिए इससे क्या होगा कि कभी भी कोई प्राइस crash करेगा तो आपको over all loss नही उठाना पड़ेगा। चांचेस ये है की एक चीज crash हुई तो दूसरी तरफ से आपको रिटर्न से मुनाफा मिल जायेगा, इस चीज को कहते है “diversification”.

What is Mutual Fund in Hindi :-

mutual fund एक स्पेशल टाइप की इन्वेस्टमेंट होती है जिसके थ्रू आप सारी अलग-अलग टाइप की इन्वेस्टमेंट साथ में कर सकते हो। diversifi कर सकते हो एक जगह इन्वेस्टमेंट कर के asset management वो कंपनी होती है जो mutual fund खोलती है। बिसिकली होता है आप अपना पैसा asset management company को देते हो और आप जैसे बहुत सारे लोग अपना पैसा asset management company के पास डालते है तो वो सारा collectively पैसा वो कंपनी अलग-अलग जगह इन्वेस्टमेंट करती है एक एक्सपर्ट की राय ले के उन्होंने अपने एक्सपर्ट appointe किए होते है उसको अलग-अलग जगह इन्वेस्ट कर दिया जाता है है और उन सारी अलग-अलग इन्वेस्टमेंट से जो collectively रिटर्न रेट मिलता है उसका कुछ परसेंट asset management company रख लेती है कुछ छोटा सा परसेंट 1 या 2% और बाकी सारा पैसा आप लोगो को वापस मिल जाता है उस रिटर्न रेट के हिसाब से। तो mutual fund कितने रिटर्न देते है और कितने रिस्की होते होते है ये सब कुछ डिपेंट करता है दोस्तो कि आप कोन से mutual funds में पैसे इन्वेस्टमेंट कर रहे हो।

What is Mutual Fund in Hindi Video Tutorial For You:-

Types Of Mutual Funds :-

AMC मे बैठे एक्सपर्ट आपके पैसे को कहा इन्वेस्ट कर रहे है इसके बेसिस पे बहुत सारे अलग-अलग types के mutual funds हो सकते है ऊपर-ऊपर से देखा जाए तो तीन कैटेगरी में बाटा जा सकता है :- (i). equity mutual fund (ii).debt mutual fund (iii). hybrid mutual fund

(i). equity mutual funds :-

equity mutual funds वे होते है जिनमे आपका पैसा stock market में इन्वेस्ट किया जाता है। तो जाहिर सी बात है इस कैटेगरी के mutual funds में रिस्क ज्यादा होता है और रिटर्न भी ज्यादा होता है।

(ii). debt mutual fund :-

ये वो mutual funds होते है जिनको debt instruments मे इन्वेस्टमेंट किया जाता है। debt instruments क्या होते है जैसे- bonds, debenture, certificates of deposit ये सब debt mutual funds मे आते है दोस्तो।
what are bonds? -: सरकार को कभी पैसों की जरूरत होती है और बजट में से उसको पैसे नही मिल रहे होते तो सरकार लोगो से पैसे borrow करती है बेसिकली सरकार आम जनता से लोन लेती है उसको bonds बोलते है। आप उस चीज में इन्वेस्टमेंट कर सकते है सरकार को दे सकते है सरकार आपको एक फिक्स intres के बाद लौटाएगी ये पैसे।

(iii). hybrid mutual fund :-

ये बेसिकली होते है एक mixture, debt और equity mutual funds का कुछ लोग चाहते है कि हम stock market मे इन्वेस्टमेंट करे लेकिन सारे पैसे वहा इन्वेस्टमेंट न करे कुछ पैसे हम debt instruments मे भी इन्वेस्टमेंट कर ले तो ये hybrid mutual fund उसी के लिए होते है।

Pros And Cons Of Mutual Fund :-

mutual funds की दोस्तो बाकी इन्वेस्टमेंट की कंपेयर में सबसे बड़ी advantage यही है कि ये पहले से ही diversified है diversification की वजह से रिस्क बहुत कम हो जाता है, क्योंकि आप कही एक जगह इन्वेस्ट नही कर रहे तो कही एक चीज crash करेगी तो उससे आपके पैसे में फरक नही पड़ेगा तो stock market के कंपेयर मे gold के कंपेयर में रियल estate के कंपेयर में mutual funds less रिस्की है। आप SIP का स्तेमाल कर के हर महीने छोटा-छोटा अमाउंट भी आप इसमें इन्वेस्ट कर सकते हो। इसका disadvantage यह है दोस्तो की जो पहले हुआ करता था कि काफी सारे एजेंट्स अपना बहुत सारा कमिशन ले जाते थे आपके लिए mutual funds मे इन्वेस्टमेंट करने के लिए वो कहते थे कि लाओ हमे पैसे दो हम आपके लिए mutual funds मे इन्वेस्टमेंट करेंगे और वो अपना काफी ज्यादा कमिशन पहले से ही काट लेते थे। उम्मीद है दोस्तो आपको काफी कुछ सीखने को मिला होगा।

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